Monday, 25 March 2013

गुरु   के चरणों में मिलता है ,चारो तीरथ का आभास ।
सारे जग में घोर अँधेरा गुरु के दर उजला परकाश ॥
 ज्ञान मिले सतगुरु के दर से गुरु गोविन्द से ऊँचा  है।
ब्रह्मा विष्णु और शंकर भी करते गुरु की पूजा हैं ॥
गुरु चरण की पावन  धूलि कर दे सब पापों का नाश ।
सारे ..................................................................॥
हम अज्ञानी नीच अधम हैं ,गुरु ज्ञान की गंगा है ।
भव सागर से पर वो तरता जो गुरु के रंग रंगा है ॥
गुरु की शरनी मिल जाये तुझ को कर बन्दे ऐसा प्रयास ।
सारे .................................................................॥  






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